PM Kisan 13th Installment Update: इस राज्य के किसानों को नहीं मिलेगी 13वीं किस्त! जानें क्या है वजह

 

PM Kisan 13th Installment Update: इस राज्य के किसानों को नहीं मिलेगी 13वीं किस्त! जानें क्या है वजह

PM Kisan Samman 13th Installment Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभार्थी अब 13वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं



PM Kisan Samman 13th Installment Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभार्थी अब 13वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. बीते महीने ही केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojna Update) की 12वीं किस्त जारी की गई थी. मालूम हो कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकृत किसानों को हर साल 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ दिया जाता है. यह पैसे 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में देय होता है. इन सबके बीच खबर है कि छत्तीसगढ़ के किसानों को 13वीं किस्त मिलने की संभावना कम है, क्योंकि उनमें से कइयों ने अब तक भूलेख सत्यापन (Bhulekh Verification) और ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं करवाया है.

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उठाए गए कई कदम

PM किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं. पीएम किसान योजना की 13वीं किस्त (PM Kisan 13th Installment News) प्राप्त करने के लिए भूलेख सत्यापन और ई-केवाईसी करवाना आवश्यक है. अगर यह काम नहीं हुआ तो 13वीं किस्त मिलना मुश्किल हो जाएगा.

क्या बोले कृषि मंत्री

संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 27,43,708 किसान पीएम किसान योजना की लाभार्थी सूची में सक्रिय हैं. हालांकि, पीएम किसान योजना की अगली किस्त सिर्फ 19,75,340 किसानों को ही मिल सकेगी. अगर किसानों ने अब तक भूलेख सत्यापन और ई-केवाईसी नहीं कराया तो 13वीं किस्त का लाभ मिलना मुश्किल होगा.

किसानों के लिए हेल्पलाइन

इस बीच केंद्र ने किसानों के लिए हेल्पलाइन (PM Kisan Helpline) नंबर जारी किया है. अगर आपने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए आवेदन किया है तो आप लाभार्थी की स्थिति जानने के लिए 155261 पर कॉल कर सकते हैं.

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना?

पूरी तरह से वित्त पोषित केंद्र सरकार की योजना, देश भर के लाभार्थियों को योजना से 6,000 रुपये मिलते हैं और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से उनके खातों में धनराशि जमा की जाती है. विशेष रूप से, यह केंद्रीय योजना छोटे और सीमांत किसानों को कवर करती है.

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