किसानों को प्रति एकड़ पर मिलेंगे 5-5 हजार रुपए, 15 जून के बाद सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा.

 

 किसानों को प्रति एकड़ पर मिलेंगे 5-5 हजार रुपए, 15 जून के बाद सीधे बैंक  खाते में आएगा पैसा.



उन्होंने आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के आवास पर चली कृषि संबंधी समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि फर्जी बीज बेचने वालों को पकड़ने वाले अधिकारियों को पदोन्नति देने के साथ- साथ सेवा मेडल भी प्रदान किया जाएगा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने 15 से 25 जून तक वर्षा कालीन मौसम से संबंधित रायतू बंधु सहायता राशि किसानों के बैंक खातों में जमा करने के आदेश दिए हैं. किसानों के खाते में प्रति एकड़ 5000 रुपए के हिसाब से राशि जमा की जाएगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत करीब 61 लाख किसानों के खाते में कुल 7300 करोड़ रुपए जमा किए जाएंगे. 10 जून से पहले तक जमीन खरीदने वाले किसानों को इस योजना के तहत लाभ मिलेगा.

 

उन्होंने वर्षाकालीन मौसम के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक व कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही नकली बीज, उर्वरक बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि फर्जी बीज बेचने वालों को पकड़ने वाले अधिकारियों को पदोन्नति देने के साथ- साथ सेवा मेडल भी प्रदान किया जाएगा. उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को जिलों में फर्जी बीज बेचने वालों को पकड़ने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री चेतावनी देते हुए कहा कि फर्जी बीज व्यापारियों के साथ साठगांठ करने वाले कृषि अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त कर पाचं वर्ष जेल के लिए भेज दिया जाएगा.

धान उत्पादन में पंजाब के साथ मुकाबला कर रहा तेलंगाना’

केसीआर ने कुछ ही दिनों में शुरू होने वाले वर्षाकालीन मौसम को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को राज्य में सरकार से अनुमति प्राप्त कंपनियों के ही बीज, कीटनाशक की बिक्री होने देना सुनिश्चित करने को कहा है. मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में बताया गया है कि सरकार ने काफी सोच-समझकर उठाए गए कदमों से वर्तमान कृषि क्षेत्र में बदलाव आया है.

 

राज्य के किसानों को एक समय सिंचाई के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, परंतु आज तेलंगाना में पर्याप्त जल उपलब्ध हो गया है. यहां के किसान आज एक सीजन में कुल डेढ़ करोड़ टन धान का उत्पादन कर रहे हैं. धान उत्पादन में तेलंगाना आज पंजाब के साथ मुकबला कर रहा है.

 

बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई क्षेत्र में उठाए गए क्रांतिकारी कदमों के चलते ही यह सब संभव हुआ है. उन्होंने कहा कि दलाल व्यवस्था के बिना सीधे किसानों के बैंक खातों में ही कृषि प्रोत्साहन रायतू बंधु सहायता राशि जमा किए जाने से आज किसान खेती की जरूरतों के लिए निजी व्यापारियों पर निर्भर होने से मुक्त हुआ है.

 

90 प्रतिशत धान की खरीद हो चुकी है

सीएम ने बताया कि कोरोना संकट के बीच किसानों को राहत देने के लिए स्वयं सरकार शत प्रतिशत धान खरीदी करने का निर्णय लिया है. अब तक 87 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है. किसानों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि चार-पांच दिन में शेष धान भी खरीदा जाएगा. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से यह अनुरोध किया जाएगा कि तेलंगाना में आने वाले शत प्रतिशत धान खरीदा जाए.

 

कहा कि पंजाब जैसे राज्यों में शत प्रतिशत धान खरीदने वाली भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तेलंगाना में ऐसा नहीं कर रही है. उन्होंने इस मामले पर असंतोष जताते हुए कहा कि शीघ्र ही इस संबंध में केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा जाएगा.

 

PM Kisan 7th Installment: नहीं मिली 2000 रु की 7वीं किस्त, करें ये काम; एक भी पैसे का नहीं होगा नुकसान

 

 

PM Kisan 7th Installment: पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 1 दिसंबर से किसानों के खातों में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं.

 

PM Kisan Samman Nidhi Yojana 7th Installment: पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 11 करोड़ किसानों को लाभ मिल रहा है. यह योजना केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई गई है, जिसके तहत 1 साल में 2000 रुपये की 3 किस्त यानी 6000 रुपये सालाना किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाती है. 1 दिसंबर से योजना के तहत किसानों के खातों में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं. यह किसानों के खातों में आने वाली 2000 रुपये की 7वीं किस्त है. लेकिन ऐसी भी शिकायतें मिलने लगी हैं कि आवेदन के बाद भी खाते में पैसे नहीं आए. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ हो, तो आपको क्या करना चाहिए. अगर किसी वजह से खाते में पैसे नहीं आए तो क्या फिर आगे इसकी भरपाई होगी.

एक भी पैसे का नहीं होगा नुकसान

आवेदन के बाद अगर किसी बेनेफिशियरी का नाम स्टेट/UT गवर्नमेंट द्वारा पीएम किसान के पोर्टल पर अपलोड किया गया है तो भले ही किस्त न मिली हो, उसे इसका नुकसान नहीं होगा. किस वजह से किस्त रुकी है, वह गलती सुधारने के बाद पूरा ड्यू खाते में भेजा जाएगा. लेकिन अगर किसी वजह से किसान का नाम सरकार द्वारा रिजेक्ट किया जाता है तो वह इसका पात्र नहीं होगा. किस्त आने में देरी की वजह कई हो सकती हैं, जैसे कि रजिस्ट्रेशन में गलत नाम, पता या बैंक अकाउंट की जानकारी देना. इसे सुधारना जरूरी है.

गलती खोजने के लिए ऐसे चेक करें अपनी डिटेल

अगर आवेदन करने के बाद भी आपके खाते में पैसे नहीं आ रहे हैं तो आपको अपने द्वारा किया गया आवेदन देखना चाहिए. हो सकता है कि फॉर्म भरने में आपने कोई गलत जानकारी दे दी हो. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर फार्मर कार्नर पर क्लिक कर इसकी जानकारी पा सकते हैं. फार्मर कार्नर पर क्लिक करने के बाद बेनेफिशियरी स्टेटस पर क्लिक करें. जिसके बाद वहां आधार नंबर, अकाउंट नंबर और फोन नंबर का विकल्प दिखेगा. यहां आप देख सकते हैं कि आपकी सूचना सही है या नहीं. अगर आपका आवेदन किसी डॉक्युमेंट मसलन आधार, मोबाइल नंबर या बैंक खाता की वजह से रुका है तो वह डॉक्युमेंट भी ऑनलाइन अपलोड भी कर सकते हैं. सब करेक्ट होने के बाद आपके खाते में किस्त आने लगेगी.

हेल्पलाइन पर भी ले सकते हैं जानकारी

पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर:155261
पीएम किसान टोल फ्री नंबर: 18001155266
पीएम किसान लैंडलाइन नंबर: 011—23381092, 23382401

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